उन्होंने रेल विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों से रेलवे स्टेशन पर किए जा रहे कार्यों, अवस्थापना सुविधाओं और परियोजना की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे श्रमिकों से मुलाकात कर उनका भी कुशलक्षेम भी जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में अब पहाड़ो तक रेल पहुंचने का सपना पूरा हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्रदेशवासियों को न केवल यह यातायात सुविधा मिलेगी, बल्कि बद्रीनाथ और केदारनाथ आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। रेल परियोजना के अधिकारियों ने बताया कि 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर 16 टनल और 12 स्टेशन बन रहे है। आगामी 2026 दिसंबर तक इस परियोजना का अधिकांश कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। गौचर के भट्टनगर से सेवाई तक 6.3 किमी स्केप टनल विगत 25 दिसंबर को ब्रेक थ्रू हो चुकी है, जबकि 6.2 किलोमीटर मेन टनल आगामी मार्च में ब्रेक थ्रू हो जाएगी।
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